मात-पिता गौधाम · बनूर, पंजाब

हर घर में मां-बाप का सत्कारऔर गौ माता से प्यार

विश्व का पहला मूर्ति-रहित मंदिर — 10 एकड़ का महातीर्थ, जहाँ भक्ति का अर्थ है जीवित मां-बाप का सम्मान और गौ माता की सेवा। कोई मूर्ति नहीं। केवल सेवा।

गौ चारा सहयोग

गौ सेवा · मात-पिता मंदिर

हमारी सेवा

जहाँ भक्ति कर्म बनती है

प्रत्येक रुपया, प्रत्येक संकल्प, प्रत्येक घंटा इन जीवंत सेवा-स्तंभों में लगता है — जो धाम की मूर्ति-रहित विचारधारा से जुड़े हैं।

डिजिटल श्रद्धांजलि दीवार

आज सम्मानित मां-बाप

बुधवार, 23 सितंबर 2026 को धाम में जिन नामों का जाप हो रहा है। किसी विशेष संकल्प के लिए खोजें या अवसर के अनुसार छाँटें।

आज अभी तक कोई संकल्प जपा नहीं जा रहा। पहला आप पंजीकृत कीजिए — आपके मां-बाप के नाम धाम में सम्मानित होंगे।

कल की दीवार पर अपने मां-बाप का नाम जोड़ें
आशीर्वचन

उन्हीं की ज़ुबानी

संत, विद्वान, और लोक विभूतियाँ जो धाम पर पधारीं।

  • निसंदेह यह सिद्धपीठ है।

    श्री गुरुजी गोस्वामी सुशील गिरी महाराज

    पीठाधीश्वर, भृगु पीठ · महामंडलेश्वर · राष्ट्रीय संयोजक, सर्व धर्म संसद

  • 2011 में तब यहां कोई गौवंश नहीं था। यहां हुई प्रगति व गौ सेवा को देखकर मन गदगद हुआ।

    परम श्रद्धेय गोऋषि स्वामी दत्तशरणानंदजी महाराज

    गौऋषि · परम श्रद्धेय आध्यात्मिक गुरु

  • पंजाब जैसे राज्य में ऐसी गौ सेवा व माता-पिता के लिए आदर भाव कहीं नहीं देखा।

    डॉ. नवजोत कौर सिद्धू

    पूर्व विधायक · चिकित्सक

मीडिया व समाचार

भारत व विदेश में सराहा गया

क्षेत्रीय अखबारों से लेकर House of Lords तक — धाम की मूर्ति-रहित विचारधारा को कैसे इतिहास में दर्ज किया जा रहा है।

मान्यताएँ व प्रमाणपत्र

देश-विदेश में सम्मानित

हाउस ऑफ लॉर्ड्स से लेकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड पुस्तकों तक — वे सम्मान, पंजीकरण, व मान्यताएँ जो धाम की सेवा का आधार हैं।

सेवा में सहभागी बनें

एक दिन के चारे, भंडारे में सहयोग करें, अथवा गौवंश गोद लें। प्रत्येक योगदान 80G कर-मुक्त रसीद के लिए पात्र है।